लद्दाख में चीन से सीमा विवाद को लेकर उपजे तनाव के बीच भारतीय सेना और एयरफोर्स ने पहली बार 17 सितंबर को वहां संयुक्त युद्धाभ्यास किया जिसमें फाइटर जेट से लेकर भीष्म युद्धक टैंक तक ने हिस्सा लिया. यह संयुक्त युद्धाभ्यास लद्दाख में चीन से सटी सीमा के पास ही किया गया है.यह युद्धाभ्यास चीन के खिलाफ किसी भी एक्शन में सेना की तैयारियों को परखने के लिए किया गया था जिसमें तत्परता के साथ बख्तरबंद सेना, पैदल सेना और आर्टिलरी की तैयारियों का जायजा लिया गया.

बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब संवेदनशील पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में इस तरह का अभ्यास किया गया है. हालांकि यह युद्धाभ्यास बीते दिनों भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने और धक्का-मुक्की होने के बाद किया गया है लेकिन यह पूर्व निर्धारित था. उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने 17 सितंबर को पूर्वी लद्दाख में सुपर हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र में सभी हथियारों और सेवाओं के एकीकृत सैनिकों का जायजा लिया था और भीष्म टैंक पर चढ़कर देखा था. इस युद्धाभ्यास को लेकर आधिकारिक तौर पर जनरल रणबीर सिंह की तरफ से कहा गया है कि  सेना अपने अभियानों को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने के लिए एकीकृत युद्ध समूहों की स्थापना करने पर विचार कर रही है. इस अभ्यास में उच्च तकनीक प्लेटफार्मों को एकीकृत करने वाले सभी कारकों और मशीनी क्षमता को भी शामिल किया गया है.

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